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अचानक हार्टबीट बढ़ने या कम होने के लक्षण को न करें नजरअंदाज, हो सकती है दिल संबंधी गंभीर बीमारी

किसी भी व्यक्ति के जिंदा रहने व स्वस्थ रहने के लिए उसके दिल की धड़कन का ठीक रहना बेहद जरूरी होता है। लेकिन कई बार कुछ स्थितियों में दिल की धड़कन अचानक से तेज या फिर कम हो जाती है। हार्टबीट का अचानक से तेज व धीमा होना जैसे घबराहट, बेचैनी और चिंता आदि के कारण होता है। हांलाकि कई बार ऐसा होने के पीछे स्वास्थ्य संबंधी कुछ गंभीर स्थिति होती है। आपको बता दें कि हार्टबीट के अचानक से बढ़ जाने की स्थिति को आरेथमिया कहा जाता है।

यह समस्या उन लोगों को अक्सर होती है, जिनको सीरियस हार्ट कंडीशन का खतरा होता है। इसलिए शरीर को स्वस्थ और सेहतमंद बनाए रखने के लिए जरूरी होता है कि आप हार्टबीट और हार्ट हेल्थ का विशेष ध्यान दें। अगर आपकी भी हार्टबीट अचानक से बढ़ जाती है, तो यह आर्टिकल आपके लिए है। आज इस आर्टिकल के जरिए हम आपको बताने जा रहे हैं कि अचानक से हार्टबीट क्यों बढ़ जाती है। साथ ही इससे बचने के लिए क्या उपाय करने चाहिए।

क्यों बढ़ती है हार्टबीट

खानपान और लाइफस्टाइल में गड़बड़ी, खराब सेहत, ड्रग्स का सेवन, शरीर में पानी की कमी और चिंता या डिप्रेशन की वजह से हार्ट बीट या हार्ट पल्पिटेशन अचानक से बढ़ जाती है। आसान भाषा में समझें तो हार्ट बीट दिल संबंधी कई स्थितियों का संकेत देती है। ऐसे में हार्टबीट का अचानक से बढ़ना या घटना इस बात का संकेत देता है कि आपको दिल संबंधी गंभीर बीमारी होने का खतरा अधिक है। 

हेल्थ एक्सपर्ट्स के मुताबिक अचानक से हार्टबीट का बढ़ जाना सामान्य कंडीशन नहीं है। यदि किसी व्यक्ति का हार्ट रेट 1 मिनट में 120 से ज्यादा होता है, तो इसको सामान्य समझने की गलती नहीं करनी चाहिए। बता दें कि हार्टबीट का असंतुलित होना शरीर में किसी सीरियस हार्ट कंडीशन का संकेत भी हो सकता है।

हार्टबीट बढ़ने के कारण

टेंशन या डिप्रेशन के कारण

ज्यादा एक्सरसाइज या रनिंग करने से

बहुत ज्यादा तंबाकू, अल्कोहल व कैफीन आदि का सेवन करना

हार्ट संबंधी बीमारी होने पर

जानिए क्या हैं उपाय

टेंशन या डिप्रेशन के कारण

ज्यादा एक्सरसाइज या रनिंग करने से

बहुत ज्यादा तंबाकू, अल्कोहल व कैफीन आदि का सेवन करना

हार्ट संबंधी बीमारी होने पर

जानिए क्या हैं उपाय

अचानक से हार्टबीट बढ़ने पर आपको सबसे पहले शांत रहने का प्रयास करना चाहिए। क्योंकि ऐसी स्थिति में घबराने या पैनिक होने से स्थिति ज्यादा गंभीर हो सकती है। वहीं परेशानी ज्यादा बढ़ने पर बिना देरी के डॉक्टर से सलाह लेनी चाहिए। इसके अलावा नीचे बताए गए उपायों की मदद से भी आप अपनी हार्ट रेट को कंट्रोल कर सकते हैं।

अधिक गर्मी होने पर कम तापमान वाले स्थान पर बैठें।

शांत रहने का प्रयास करें और गहरी-गहरी सांस लें।

अचानक से उठने व दौड़ने की कोशिश न करें।

पानी और लिक्विड ड्रिंक्स का सेवन करना चाहिए।

हार्टबीट या हार्ट रेट के अचानक से बढ़ जाने पर शांत रहने की कोशिश करें और चेहरे पर ठंडे पानी के छीटें डालें। तनाव कम लें और पर्याप्त मात्रा में पानी पी लें। अगर यह सब करने के बाद भी चक्कर, सीने में दर्द या फिर कमजोरी आदि महसूस हो। तो बिना देरी के डॉक्टर से मिलना चाहिए।

डिस्क्लेमर: इस लेख के सुझाव सामान्य जानकारी के लिए हैं। इन सुझावों और जानकारी को किसी डॉक्टर या मेडिकल प्रोफेशनल की सलाह के तौर पर न लें। किसी भी बीमारी के लक्षणों की स्थिति में डॉक्टर की सलाह जरूर लें।

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