RSS ने महाराष्ट्र बीजेपी विजय के लिए बनाया ऐसा प्लान, लोस चुनाव की ‘हार’ भूल जाएगी

महाराष्ट्र जीतने के लिए बीजेपी के नेतृत्व में शिवसेना (शिंंदे गुट) और अजित पवार की एनसीपी पूरा जोर लगा रहे हैं. सीटों के बंटवारे पर भी सहमति बनती दिख आ रही है. सूत्रों के मुताबिक, बीजेपी 150 से 160 सीट, शिवसेना शिंदे कैंप गुट 90 से 100 सीट और एनसीपी 50 से 60 सीटों पर कैंडिडेट उतार सकती है. लेकिन कई इलाके ऐसे हैं, जहां बीजेपी का प्रदर्शन काफी खराब रहा है.
लोकसभा चुनाव में इन्हीं इलाकों की वजह से बीजेपी को करारी शिकस्त झेलनी पड़ी थी. सूत्रों के मुताबिक, आरएसएस ने इन जगहों पर मोर्चा संभाल लिया है. उसने बीजेपी के लिए जीत का ऐसा प्लान बनाया है, जिससे बीजेपी लोकसभा चुनाव की हार भी भूल जाएगी. इतना ही नहीं, महाविकास अघाड़ी के चाणक्य कहे जाने वाले शरद पवार भी मुश्किल में पड़ सकते हैं.
विदर्भ में संघ का डेरा
आरएसएस ने विदर्भ के उस इलाके में डेरा डाल दिया है, जहां बीजेपी अक्सर कमजोर रहती है. सूत्रों के मुताबिक, संघ यहां की 62 विधानसभा सीटों पर फोकस कर रहा है. इनमें से 50 सीटें जीतने का लक्ष्य लेकर चल रहा है. इसके लिए 50000 से ज्यादा छोटी-बड़ी बैठकें की जाएंगी. जिस तरह हरियाणा में संघ ने पूरा खेल बदल दिया और हारी हुई बाजी को जीत में बदल दिया, ठीक उसी तरह संघ महाराष्ट्र में जुट गया है. विदर्भ इलाके में शरद पवार की काफी पकड़ मानी जाती है. इसी की बदौलत महाविकास अघाड़ी काफी भारी पड़ती है. लेकिन अब संघ उन्हीं के इलाके में सेंघमारी करने जा रहा है.
वोट जिहाद का जवाब
बीजेपी नेता बार-बार आरोप लगा रहे हैं कि लोकसभा चुनाव में महाविकास अघाड़ी ने वोट जिहाद किया है. उसी ‘वोट जिहाद’ का जवाब देने के लिए संघ ने विश्व हिंदू परिषद और बजरंग दल को मैदान में उतारा है. हिंदू वोटों पर उनकी नजर रहेगी. मंदिरों में कार्यक्रम किए जाएंगे. विश्व हिंदू परिषद, बजरंग दल बीजेपी के लिए पूरे राज्य में रैलियां करेगा. अलग-अलग तरीकों से हिंदू मतदाताओं से संवाद करेंगे, ताकि हिंदू वोट बंटे बिना एकजुट वोट बीजेपी को मिल सके. विहिप को इस काम में लगाया गया है कि हर हिंदू को घर से निकाला जाए, शत प्रतिशत मतदान कराया जाए.
6000 मंदिरों की सफाई
इस मुहिम को और सफल बनाने के लिए विश्व हिन्दू परिषद ने मंदिर सफाई अभियान शुरू किया है. एक ही दिन में पूरे राज्य में 6000 मंदिरों में साफ-सफाई की गई. इसमें 60 हजार से ज्यादा कार्यकर्ता शामिल हुए. इस मौके पर कार्यकर्ताओं ने सबको वोट दिलाने की शपथ ली. देवगिरि प्रांत में 1850, कोंकण में 1500, विदर्भ में 1210, पश्चिमी महाराष्ट्र में 850 मंदिरों में यह अभियान काफी सफल रहा.



