7329 करोड़ 35 लाख 62 हजार 700 रुपये का अनुपूरक बजट ध्वनिमत से पारित

रायपुर। विधानसभा मानसून सत्र के दूसरे दिन 7329 करोड़ 35 लाख 62 हजार 700 रुपये का अनुपूरक बजट ध्वनिमत से पारित हुआ. वित्त मंत्री ओपी चौधरी ने अनुपूरक बजट पेश करने के बाद कहा कि विष्णु देव साय के नेतृत्व में वित्तीय अनुशासन बनाकर काम कर रहे हैं.
उन्होंने स्पष्ट किया कि जो भी लोन लिया गया है, वह किसान और महिलाओं के लिए लिया गया है, न कि भ्रष्टाचारियों की जेब में डालने के लिए. अनुपूरक बजट में 4,900 करोड़ रुपये महतारी वंदन के लिए हैं, बाकी गृह और अन्य विभागों के लिए आवंटित किए गए हैं. चौधरी ने बताया कि कई विधायकों ने पक्षपात के सतही आरोप लगाए, लेकिन अनुपूरक बजट की एक सीमा होती है.वित्त मंत्री ओपी चौधरी ने कहा कि अनुपूरक बजट में महतारी वंदन योजना, आवास योजना, रामलला दर्शन योजना आदि के लिए राशि आवंटित की गई है. विकास के लिए विष्णु देव सरकार पूरी तरीके से समर्पित है और हम हर क्षेत्र पर पूरा ध्यान दे रहे हैं. विजन डॉक्यूमेंट बनाकर हम छत्तीसगढ़ को विकास की दिशा में आगे बढ़ा रहे हैं. शिक्षक भर्ती की प्रक्रिया करेंगे, सभी विभागों में भर्ती करेंगे, और उचित समय पर निर्णय लेंगे.
वित्त मंत्री ओपी चौधरी ने कहा कि PM आवास योजना में विभिन्न मुद्दों पर चर्चा हो रही है, लेकिन हम सभी हितग्राहियों को आवास देने के लिए प्रतिबद्ध हैं. हम पुरानी सरकार की गलतियों को सुधारने का काम कर रहे हैं और मुख्यमंत्री साय के नेतृत्व में सभी संकल्पों को पूरा करेंगे. छत्तीसगढ़ सुशासन और विकास की दिशा में आगे बढ़ रहा है.
अनुपूरक बजट पर भाषण के दौरान पक्ष और विपक्ष में जमकर तकरार हुई. महतारी वंदन योजना पर विवाद हुआ, जिसमें कांग्रेस विधायकों ने कहा कि चुनाव में घोषणा की गई थी कि सीएम की पत्नी को भी एक हजार मिलेगा, फिर क्राइटेरिया क्यों लगाया गया. वित्तमंत्री ने स्पष्ट किया कि यह योजना किसी उद्योगपति या कलेक्टर की पत्नी के लिए नहीं है.
ओपी चौधरी ने कहा कि महतारी वंदन योजना में आज देश के सभी राज्यों से ज्यादा हम महिलाओं को लाभ पहुँचा रहे हैं. कांग्रेस ने 2018 में महिलाओं को 5 सौ रुपये देने का वादा किया था जिसे पूरा नहीं किया गया. वर्तमान में कांग्रेस की कर्नाटक सरकार में महिलाओं को राशि दी जा रही है. लेकिन उस राज्य से भी ज्यादा आज हम छत्तीसगढ़ में महिलाओं को लाभ पहुँचा रहे हैं. वित्तमंत्री ने कहा कि यह योजना किसी उद्योगपति या कलेक्टर की पत्नी के लिए नहीं है.



