जनदर्शन में ग्रामीणों ने की थी अवैध कब्जे की शिकायत, प्रशासन ने चलाया बुलडोजर

रायपुर। सेजबहार के ग्रामीणों ने पहले जनदर्शन में अवैध कब्जा को लेकर ग्रामीणों ने मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय से शिकायत की थी. रायपुर जिला प्रशासन ने इस पर त्वरित एक्शन लिया है, और अवैध कब्जे पर बुलडोजर चलाया है.
दरअसल, मुख्यमंत्री के निर्देश के बाद रायपुर में शासकीय जमीनों पर अवैध कब्जा कर अवैध निर्माण करने और उनकी अवैध तरीके से खरीदी-बिक्री पर कार्रवाई तेज हो गई है. कलेक्टर डॉ. गौरव सिंह के नेतृत्व में राजस्व अमले ने ऐसे प्रकरणों पर बिना देरी के कार्रवाई शुरू की है.रायपुर नगर निगम क्षेत्र के सेजबहार में आज ऐसी एक बड़ी कार्रवाई की गई है. राजस्व अमले ने सेजबहार में मुख्य सड़क के किनारे से लगी लगभग पांच एकड़ सरकारी जमीन को अवैध निर्माण और कब्जे से मुक्त कराया है. इस जमीन पर माना के बनरसी गांव निवासी संतोष डहरिया ने अवैध कब्जा कर अवैध रूप से पक्का निर्माण करने और जमीन की अवैध खरीदी-बिक्री करने की शिकायत स्थानीय लोगों ने मुख्यमंत्री जनदर्शन कार्यक्रम में की थी. सरकारी जमीन पर अवैध कब्जे की शिकायत को सीएम साय ने गंभीरता से लिया और इसकी जांच कर त्वरित कार्रवाई करने के निर्देश कलेक्टर रायपुर को दिए थे. कलेक्टर गौरव सिंह ने प्रकरण की जांच का जिम्मा रायपुर एसडीएम और उनके अमले को सौंपा था. राजस्व अमले ने जांच के बाद सेजबहार में मुख्य सड़क से लगी लगभग पांच एकड़ सरकारी जमीन पर अवैध कब्जा होना पाया गया. इस जमीन पर अवैध कब्जाधारी ने पक्के निर्माण जैसे दुकान आदि भी बना लिए थे. राजस्व अमले को जमीन के अवैध रूप से दूसरे लोगों को बेचने की भी शिकायत मिली थी. सड़क के किनारे होने के कारण खेती-किसानी के इस मौसम में जमीन के पीछे के खेतों तक किसानों को जाने में भी परेशानी और लड़ाई-झगड़ा का सामना करना पड़ रहा था. वहीं एसडीएम नंदकुमार चौबे, तहसीलदार पवन कोसमा और अतिरिक्त तहसीलदार तुलसी राठौर ने राजस्व अमले के साथ पुलिस की मौजूदगी में जेसीबी मशीनों से इस भूमि पर अवैध रूप से बनाए गए पक्के दुकाननुमा निर्माण को तोड़ दिया है. इसके साथ ही लगभग पांच-छह लोगों द्वारा कुछ जमीन के कुछ हिस्से पर पोल लगाकर की गई तार फेसिंग को भी हटा दिया गया है. अब इस जमीन से बेजाकब्जा हट जाने से किसानों को भी अपने खेतों तक जाने के लिए आसानी से रास्ता मिल जाएगा और सरकारी जमीन की सुरक्षा भी हो जाएगी. किसान चालू मानसून मौसम में खेतों में फसलों की बोआई आसानी से कर पाएंगे. इसके साथ ही उन्हें अपनी कास्तकारी जमीन में आने-जाने के लिए झगड़-लड़ाई मारपीट से भी मुक्ति मिल जाएगी.



