स्मार्ट TV से गेमिंग तक, कितने Wi-Fi बैंड वाला राउटर है आपके काम का?

आज के घरों में स्मार्ट TV, स्मार्टफोन, लैपटॉप, गेमिंग कंसोल और दूसरे इंटरनेट से जुड़े डिवाइस एक साथ इस्तेमाल होते हैं. ऐसे में राउटर का काम सिर्फ इंटरनेट पहुंचाना नहीं, बल्कि अलग-अलग डिवाइस की जरूरत के हिसाब से कनेक्शन संभालना भी है. इसी जरूरत को देखते हुए बाजार में सिंगल-बैंड, डुअल-बैंड और ट्राई-बैंड राउटर मिलते हैं. इनके बीच अंतर सिर्फ बैंड की संख्या का नहीं, बल्कि नेटवर्क की क्षमता, स्पीड और एक साथ कई डिवाइस चलाने की जरूरत से भी जुड़ा है. ऐसे में नया राउटर खरीदते समय यह समझना जरूरी है कि आपके घर के इस्तेमाल के लिए कौन-सा ऑप्शन सही रहेगा.
सिंगल-बैंड राउटर सिर्फ 2.4 GHz फ्रीक्वेंसी पर काम करता है. इसकी खासियत यह है कि इसका सिग्नल ज्यादा दूरी तक पहुंच सकता है और दीवारों के पार भी बेहतर तरीके से जा सकता है, हालांकि इसकी क्षमता सीमित होती है और कई डिवाइस एक साथ कनेक्ट होने पर नेटवर्क पर दबाव बढ़ सकता है. आसपास के दूसरे Wi-Fi नेटवर्क और माइक्रोवेव जैसे डिवाइसों से भी इसमें इंटरफेरेंस हो सकता है. ऐसे में हल्के इंटरनेट इस्तेमाल के लिए यह ठीक है, लेकिन ज्यादा डिवाइस वाले घरों में परेशानी दे सकता है.



