राजनीति

सी.जे.पी. के लिए राहुल गांधी की रणनीति में बदलाव!

लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने जंतर-मंतर रोड पर तिरंगा लहराने के लिए कॉकरोच जनता पार्टी के नेताओं की गिरफ्तारी की निंदा की, जिसे सोमवार को विरोध स्थल के रूप में डीनोटिफाई कर दिया गया था। राहुल ने एक्स पर पोस्ट किया, ‘‘जंतर-मंतर पर शांतिपूर्ण विरोध प्रदर्शन में तिरंगा लहराना अपराध नहीं है। इसके लिए युवाओं को जेल में डालना कायरतापूर्ण कार्य है। छात्र, युवा, पत्रकार, इंडिया ब्लॉक : अलग-अलग बैनर, एक कारण। सभी विरोध एक हैं-नागरिक जो अपने संवैधानिक अधिकारों की मांग कर रहे हैं। जंतर-मंतर भारत के लोगों का है। हम इसे वापस लेंगे।’’ सी.जे.पी. ने कांग्रेस और इंडिया ब्लॉक द्वारा आयोजित बैठकों और विरोध प्रदर्शनों से दूरी बनाए रखी और दोनों पक्षों के बीच सोशल मीडिया पर टकराव हुआ है। तृणमूल कांग्रेस और वाम दलों ने दोनों के बीच एक पुल बनने का प्रयास किया। 
सी.जे.पी. के संस्थापक अभिजीत दिपके ने व्यक्तिगत रूप से संबोधित एक्स पोस्ट में राहुल और अन्य नेताओं को धन्यवाद दिया। उन्होंने पोस्ट किया,@AshtoshRanka तथा @SauravDassss  की अवैध गिरफ्तारी के खिलाफ बोलने के लिए धन्यवाद, विपक्ष के नेता  @RahulGandhi सर।’’ जेल में बंद सी.जे.पी. नेताओं के लिए खुला समर्थन राहुल गांधी की रणनीति में बदलाव का संकेत देता है, जो उन निरंतर विरोध और आलोचनाओं के बीच है कि कांग्रेस सी.जे.पी. से दूरी बनाए हुए है।

दुष्यंत गौतम को राज्यपाल नियुक्त न करने की मांग : लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने गुरुवार को राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू से अनुरोध किया कि वह सरकार से सिक्किम के राज्यपाल के रूप में दुष्यंत गौतम की नियुक्ति पर पुनॢवचार करने को कहें और अंकिता भंडारी की 2022 की हत्या में कथित वी.आई.पी. एंगल की सी.बी.आई. जांच पूरी होने तक उनके पदभार ग्रहण को स्थगित करने का आग्रह करें। मुर्मू को लिखे पत्र में, गांधी ने कहा कि वह अंतिम उपाय के रूप में उनके पास आए हैं और उनसे संविधान के अनुच्छेद 74(1) का उपयोग करके सरकार से नियुक्ति पर अपनी सलाह पर पुनॢवचार करने के लिए कहने का आग्रह किया। राहुल गांधी और उनकी बहन, कांग्रेस सांसद प्रियंका गांधी वाड्रा ने इंडिया गेट पर अंकिता के माता-पिता के साथ बातचीत की थी, जहां वे नियुक्ति का विरोध करते हुए और अपनी बेटी के लिए न्याय की मांग करते हुए दिखाई दिए थे। 

अंकिता के पिता, वीरेंद्र सिंह भंडारी ने कहा कि गौतम को सलाखों के पीछे होना चाहिए और राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू से अपील की कि सी.बी.आई. जांच पूरी होने तक नियुक्ति को रोक दिया जाए। परिवार ने अपनी चिंताओं को रखने के लिए राष्ट्रपति मुर्मू से मुलाकात का समय भी मांगा है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि उनकी मांग पूरी नहीं हुई तो वे देहरादून के सचिवालय में उत्तराखंड के मुख्यमंत्री के कार्यालय के बाहर भूख हड़ताल करेंगे। 

अखिलेश का लक्ष्य भाजपा विरोधी गठबंधन को व्यापक बनाना : 2027 के उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव होने के कगार पर हैं, ऐसे में समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव का लक्ष्य भाजपा विरोधी गठबंधन को व्यापक बनाना है। अखिलेश ने कहा, ‘‘यदि मुस्लिम-यादव (एम-वाई) वोट बरकरार रहें और पी.डी.ए. को एक साथ लाया जाए, तो जैन जी में बढ़ती नाराजगी के साथ, भाजपा का सफाया निश्चित है।’’ यह टिप्पणी समाजवादी पार्टी के पारंपरिक मुस्लिम-यादव समर्थन आधार को पिछड़े वर्गों, दलितों और अल्पसंख्यकों के व्यापक सामाजिक गठबंधन के साथ जोडऩे के प्रयास का संकेत देती है, साथ ही यह युवाओं के असंतोष को भुनाने की कोशिश है। 
दूसरी ओर, उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने गुरुवार को कहा कि जो जन प्रतिनिधि अपने परिवारों में मग्न रहते हैं और दोपहर को जागते हैं, वे लोगों की समस्याओं को नहीं समझ सकते। यह समाजवादी पार्टी और उसके प्रमुख अखिलेश यादव पर स्पष्ट हमला था। वाराणसी में स्वच्छता कर्मियों को सम्मानित करने के लिए आयोजित एक कार्यक्रम को संबोधित करते हुए, आदित्यनाथ ने कहा कि जो नेता अपने परिवारों को ही अपनी पूरी दुनिया मानते हैं, वे बदलाव नहीं ला सकते और जोर देकर कहा कि निर्वाचित प्रतिनिधियों को लोगों के साथ जुड़े रहना और उनके सुख-दुख में शामिल होना चाहिए।

नेहा बोरा सुर्खियों में : ऑल इंडिया स्टूडैंट्स एसोसिएशन (आइसा) की अध्यक्ष नेहा बोरा, मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ दिल्ली में हुए विरोध प्रदर्शनों के बाद राष्ट्रीय सुर्खियों में आ गई हैं। 29 वर्षीय छात्र कार्यकत्र्ता उन लोगों में शामिल थीं, जिन्हें हाल ही में दिल्ली पुलिस ने चुनावी रोल के संशोधन में कथित अनियमितताओं से जुड़े प्रदर्शनों के दौरान हिरासत में लिया था। इस बीच, नेहा बोरा ने दिल्ली में इंडिया ब्लॉक के विरोध प्रदर्शन के दौरान राहुल गांधी और प्रियंका गांधी वाड्रा के साथ मार्च किया और नई दिल्ली में लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी के आवास पर आयोजित इंडिया ब्लॉक की ‘हाई टी’ बैठक और प्रैस कॉन्फ्रैंस में भी भाग लिया। नेहा ने सीधे तौर पर भाजपा को निशाना बनाया और कहा, ‘‘इस देश के लोगों, भारतीय लोकतंत्र और संविधान का एक ही दुश्मन है और वह है भाजपा। मतदाता अधिकारों पर हमला भारत पर हमला है और लोकतंत्र पर हमला है।’’

बोरा उन छात्र नेताओं में शामिल थीं जिन्होंने शिक्षा सुधारक सोनम वांगचुक के साथ जंतर-मंतर पर अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल में भाग लिया था, जो कथित परीक्षा अनियमितताओं को लेकर कॉकरोच जनता पार्टी (सी.जे.पी.) के नेतृत्व में चल रहे व्यापक छात्र-नेतृत्व वाले विरोध प्रदर्शनों का हिस्सा था। बोरा ने झारखंड लोक सेवा आयोग और झारखंड कर्मचारी चयन आयोग की परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं को लेकर झारखंड में हुए विरोध प्रदर्शनों में भी भाग लिया था।-राहिल नोरा चोपड़ा

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