महाराष्ट्र

IAS तुकाराम मुंढे की अगुवाई में FDA का बड़ा एक्शन, मसालों को लेकर दी नई गाइडलाइंस, नहीं मानने वालों के लाइसेंस होंगे सस्पेंड

मुंबई: आईएएस तुकाराम मुंढे की अगुवाई में फूड एंड ड्रग एडमिनिस्ट्रेशन (FDA) ने महाराष्ट्र के लोगों की सेहत को लेकर बड़ा कदम उठाया है। महाराष्ट्र भर में मिलावटी खाद्य पदार्थों के खिलाफ कई सख्त कार्रवाइयों के बाद एफडीए के कमिश्नर तुकाराम मुंढे ने गुरुवार को मसालों के उत्पादन, भंडारण, परिवहन और बिक्री को लेकर नए व्यापक नियामक दिशानिर्देशों की घोषणा की। पिछले कुछ महीनों में एफडीए ने मिलावटी पनीर, दूध, होटलों और रेस्तरां, स्कूल कैंटीन में मिलने वाले घटिया खाने और खाना पकाने के तेल को लेकर बड़े पैमाने पर जांच की है।

खाद्य सुरक्षा के इन उपायों को आगे बढ़ाते हुए आईएएस तुकाराम मुंढे ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में स्पष्ट किया कि राज्य अब मसालों और मसालों से बने उत्पादों को सख्ती से नियंत्रित करेगा, ताकि उपभोक्ताओं के स्वास्थ्य को होने वाले खतरों को खत्म किया जा सके। उन्होंने कहा कि मसालों में कृत्रिम रंग, सिंथेटिक केमिकल, लकड़ी का बुरादा या अन्य बाहरी मिलावटी चीजें मिलाना पूरी तरह से प्रतिबंधित है। उन्होंने कहा कि ऐसे मसालों को बेचना प्रतिबंधित है जिनसे जरूरी तेल निकाल लिए गए हैं, या जो घटिया गुणवत्ता के हैं। एथिलीन ऑक्साइड का इस्तेमाल भी पूरी तरह से प्रतिबंधित है।

खुले मसालों की बिक्री पर रोक

उन्होंने यह भी बताया कि मिलावट और गंदगी को रोकने के लिए अब पूरे राज्य में खुले (बिना पैक किए गए) मसालों की बिक्री पर रोक लगा दी गई है। उन्होंने कहा कि सभी विक्रेताओं के लिए उत्पादों की पैकेजिंग और लेबलिंग अनिवार्य है। तुकाराम मुंढे के अनुसार, अब मसालों को सार्वजनिक जगहों, डामर की सड़कों, नालियों के पास, कचरे के ढेरों या पशुओं के बाड़ों के पास नहीं सुखाया जा सकता। उन्होंने कहा कि मसालों को रखने की जगह साफ और सूखी होनी चाहिए, और वहां कोई खतरनाक केमिकल, कृत्रिम रंग या जहरीले पदार्थ नहीं होने चाहिए। सभी मसाला निर्माताओं, वितरकों, खुदरा विक्रेताओं और होटल व्यवसायियों के पास वैध लाइसेंस होना चाहिए। साथ ही, उन्हें यह भी सुनिश्चित करना होगा कि उनके कर्मचारियों को सुरक्षा से जुड़ी उचित ट्रेनिंग दी गई हो।

सेफ फूड, सेफ ड्रग्स’ अभियान

तुकाराम मुंढे ने चेतावनी दी कि इन नए नियमों का उल्लंघन करने पर तुरंत व्यापार लाइसेंस रद्द कर दिया जाएगा। नियम तोड़ने वाले व्यवसायों और विक्रेताओं पर ‘खाद्य सुरक्षा और मानक अधिनियम (2006)’ के तहत सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी, जिसमें भारी जुर्माना और जेल की सजा हो सकती है। तुकाराम मुंढे ने जोर देकर कहा कि हम पूरे महाराष्ट्र में ‘सेफ फूड, सेफ ड्रग्स’ अभियान चला रहे हैं। उपभोक्ताओं की सेहत के साथ खिलवाड़ करने वालों के लिए हमारी तरफ से कोई नरमी नहीं बरती जाएगी।

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