दंतेवाड़ा में 2 महिला नक्सलियों का सरेंडर

दंतेवाड़ा: 2 हार्डकोर महिला माओवादियों ने गुरुवार को पुलिस के सामने सरेंडर कर दिया. सरेंडर करने वाली दोनों महिला नक्सली सरकार की लोन वर्राटू योजना से प्रभावित हैं. पूरे बस्तर में नक्सलवाद के खात्मे के लिए एंटी नक्सल ऑपरेशन और लोन वर्राटू, पूर्ना नारकोम योजना चलाई जा रही है. सरकार की सरेंडर पॉलिसी से प्रभावित होकर बड़ी संख्या में नक्सली समाज की मुख्यधारा में शामिल हो रहे हैं. जिला प्रशासन नक्सलियों के पुनर्वास के लिए लगातार प्रचार प्रसार भी कर रही है.
महिला नक्सलियों का सरेंडर: सरेंडर करने वाली दोनों महिला नक्सली लंबे वक्त से माओवादी संगठन से जुड़ी रही हैं. दोनों महिला नक्सली मलांगेर एरिया कमेटी में सक्रिय रही हैं. सरेंडर करने के बाद दोनों ने कहा कि वो अब हिंसा का रास्ता छोड़ समाज की मुख्यधारा से जुड़कर काम करेंगी.
समर्पण करने वाली महिला माओवादियों के नाम और पद: कुमारी भीमे वेट्टी नक्सलियों के प्लाटून नंबर 20 की सदस्य थी. 23 साल की कुमारी भीमे वेट्टी ओडिशा के मलकानगिरी के गूगेपदर थाने के मातली की रहने वाली है. जोगी कुंजाम मलांगेर/पालनार एलओएस सदस्य थी. 30 साल की जोगी कुंजाम किरंदुल के हिरोली की रहने वाली है. दोनों महिला नक्सलियों ने पुलिस अधीक्षक गौरव राय और अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक रामकुमार बर्मन के सामने डीआरजी दफ्तर दंतेवाड़ा में सरेंडर किया.
पुनर्वास नीति का मिलेगा फायदा: पुलिस अधीक्षक गौरव राय ने बताया कि आत्मसमर्पित नक्सलियों को पुनर्वास नीति के तहत 25 हजार की सहायता राशि के साथ छत्तीसगढ़ शासन द्वारा मिलने वाली सुविधाएं जैसे 3 वर्ष तक निःशुल्क आवास तथा भोजन, स्किल डेवलपमेंट हेतु प्रशिक्षण, कृषि भूमि की सुविधा दी जाएगी. लोन वर्राटू अभियान के तहत अब तक 217 इनामी सहित कुल 904 माओवादियों ने आत्मसमर्पण कर समाज के मुख्यधारा में शामिल होने का फैसला लिया है.



