मरोदा में 15 मेगावाट फ्लोटिंग सोलर एनर्जी प्लांट होगा स्थापित

भिलाई : बीएसपी और एनएसपीसीएल के बीच 15 मेगावाट के फ्लोटिंग सौर ऊर्जा संयंत्र के लिए विद्युत खरीद समझौता (पीपीए) संपन्न हुआ.ये संयंत्र बीएसपी के मरोदा-1 जलाशय में स्थापित किया जाएगा. जिससे ये छत्तीसगढ़ राज्य का पहला फ्लोटिंग सौर ऊर्जा संयंत्र बनेगा. इस परियोजना से प्रति वर्ष लगभग 34.26 मिलियन यूनिट हरित ऊर्जा उत्पन्न होगी. जिससे बीएसपी की ऊर्जा जरूरतें पूरी होंगी और सालाना 28330 टन कार्बन डाइऑक्साइड उत्सर्जन में कमी आएगी. आपको बता दें कि 30 जून 2024 को इस फ्लोटिंग सोलर प्लांट की आधारशिला रखी गई थी.
बीएसपी की कोल पर निर्भरता कम होगी : समारोह में बीएसपी के निदेशक प्रभारी अनिर्बान दासगुप्ता, एनटीपीसी के निदेशक एवं एनएसपीसीएल के चेयरमैन रविंद्र कुमार सहित कई वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे. इस परियोजना को बीएसपी की ऊर्जा संरक्षण और कार्बन उत्सर्जन में कटौती की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम बताया. प्रोजेक्ट मैनेजर केएम मिश्रा ने बताया कि यह संयंत्र सालाना 34.26 मिलियन यूनिट बिजली उत्पन्न करेगा. इससे बीएसपी की कोयले पर निर्भरता कम होगी, जिससे पर्यावरण को लाभ होगा.परियोजना से जल वाष्पीकरण कम होगा और जल स्रोतों का संरक्षण होगा.केएम मिश्रा के मुताबिक मरोदा-2 जलाशय में 35 मेगावाट का अतिरिक्त फ्लोटिंग सौर ऊर्जा संयंत्र स्थापित करने की योजना है. इस परियोजना से कुल 51 हजार 345 टन कार्बन डाइऑक्साइड उत्सर्जन में कमी आएगी.
बीएसपी परिसर और टाउनशिप में रूफटॉप सौर ऊर्जा प्रणाली स्थापित करने की योजना है. जिससे 5 मेगावाट अतिरिक्त बिजली उत्पन्न होगी. ये परियोजना दो चरणों में पूरी होगी, जिसमें पहला चरण मार्च 2025 तक पूरा होने की संभावना है. दिसंबर 2027 तक सभी चार चरणों को पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है. एनएसपीसीएल इस परियोजना में परामर्शदाता की भूमिका निभा रहा है. निविदा प्रक्रिया सफलतापूर्वक पूरी हो चुकी है- केएम मिश्रा, प्रोजेक्ट मैनेजर
मैत्री बाग भी सोलर ऊर्जा से होगा रोशन : केएम मिश्रा की माने तो मैत्री बाग में 200 KWP सौर ऊर्जा संयंत्र में 30 जुलाई 2024 को इस संयंत्र का भूमिपूजन किया गया. यह संयंत्र प्रतिदिन 800 यूनिट और मासिक 24,000 यूनिट बिजली उत्पन्न करेगा. इसे ऊंचाई पर स्थापित किया जाएगा ताकि हिरणों के लिए चारागाह सुरक्षित रहे. भारत सरकार नवीकरणीय ऊर्जा को बढ़ावा देने के लिए कई परियोजनाओं को लागू कर रही है. इस पहल के तहत, भिलाई इस्पात संयंत्र देश में सस्टेनेबल एनर्जी को अपनाने में अग्रणी बन रहा है.
क्या है प्रोजेक्ट की खासियत : एनटीपीसी ने पहले भी कई स्थानों पर सफलतापूर्वक फ्लोटिंग सोलर पावर प्लांट स्थापित किए हैं. बीएसपी को इस परियोजना में तकनीकी विशेषज्ञता का लाभ मिलेगा. वहीं फ्लोटिंग सोलर ऊर्जा संयंत्रों का फायदा ये है कि ये भूमि उपयोग को कम करते हैं. जल स्रोतों को ठंडा रखते हैं, जिससे सौर पैनलों की दक्षता बढ़ती है. 15 मेगावाट का ये फ्लोटिंग सोलर प्लांट बीएसपी की ऊर्जा आवश्यकताओं को पूरा करेगा. कार्बन फुटप्रिंट को कम करेगा. ये परियोजना भारत के नवीकरणीय ऊर्जा लक्ष्यों के अनुरूप है.जो अन्य इस्पात संयंत्रों के लिए एक मिसाल बनेगी.



