छत्तीसगढ़

छत्तीसगढ़ विधानसभा पहुंचे रुपेश समेत 125 पूर्व नक्सली, देखी सदन की कार्यवाही

रायपुर: 27 फरवरी को छत्तीसगढ़ विधानसभा में बजट सत्र की कार्यवाही देखने वैसे लोग पहुंचे जो कभी संविधान के विरोध में नक्सल की मुख्य धारा से जुड़े हुए थे. पुनर्वास नीति के तहत आत्म समर्पित हुए 125 नक्सली नवा रायपुर में बने नए विधानसभा भवन में दिखे. इसमें 200 से ज्यादा नक्सलियों के साथ समर्पित हुए एक करोड़ के इनामी रुपेश और झीरम हमले का मास्टरमाइंड 25 लाख का इनामी चैतू भी शामिल है.

CM ने भी किया स्वागत

उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा ने कहा कि आसंदी ने सदन में सूचना दी कि पुनर्वासित लोग इस सदन की कार्यवाही देखने उपस्थित हैं. बड़े नेता या किरदार आते हैं तब ही आसंदी की ओर से ऐसी सूचना आती है. लेकिन आज आसंदी ने इसकी सूचना दी, ये दिखाता है कि लोकतंत्र की ताकत कितनी बड़ी है. वहीं सीएम ने भी इन आत्मसमर्पित नक्सलियों का स्वागत करते हुए कहा कि जो छोटे स्तर पर बचे हुए हैं वो भी जल्द आ जाएंगे.

सदन की कार्यवाही का हिस्सा बने

छत्तीसगढ़ विधानसभा में 27 फरवरी को बजट सत्र का अंतिम दिन था. इस दिन नक्सलियों की मुख्यधारा को छोड़कर आत्म समर्पित हुए 125 नक्सली सदन की कार्यवाही का हिस्सा बने. इन सभी लोगों ने छत्तीसगढ़ विधानसभा में किस तरीके से कार्यवाही होती है सवाल-जवाब होते हैं उसे देखा.

उप मुख्यमंत्री के घर हुआ डिनर

एक दिन पहले छत्तीसगढ़ के उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा के आवास पर सभी नक्सलियों के लिए डिनर का इंतजाम भी किया गया था. गुरुवार देर रात रायपुर पहुंचे सभी नक्सलियों का उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा के नया रायपुर स्थित आवास पर स्वागत हुआ. आत्म समर्पित नक्सलियों के विधानसभा की कार्रवाई में हिस्सा लेने को लेकर जानकारी देते हुए उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा ने कहा कि यह लोकतंत्र में विश्वास और भरोसे को और जीवंत करेगा.

उनके चेहरों पर नई उम्मीद की चमक और जीवन को नई दिशा देने का दृढ़ संकल्प स्पष्ट दिखाई दे रहा था. साथ बैठकर रात्रि भोजन करते हुए यह अहसास हुआ कि विश्वास, संवाद और अपनत्व ही परिवर्तन की सबसे बड़ी ताकत हैं– विजय शर्मा, उप मुख्यमंत्री

उपमुख्यमंत्री ने कहा कि जो नक्सली समाज की मुख्य धारा में आए हैं उन सभी लोगों को अपनी संवैधानिक संरचना होने वाली कार्यप्रणाली की पूरी जानकारी भी होनी चाहिए. पहले ये समाज की मुख्य धारा से कटे रहे हैं तो ऐसे में इन लोगों का ऐसे सभी पहलुओं पर जानकारी होना आवश्यक है.गुरुवार को नक्सल मुद्दा भी गूंजा

बजट सत्र के चौथे दिन छत्तीसगढ़ विधानसभा में नक्सलियों का मुद्दा भी गूंजा था. चरणदास महंत ने नक्सलियों द्वारा पुलिस और सुरक्षा बलों से लूटे गए हथियारों को लेकर प्रश्न किया, साथ ही साल 2020 से अब तक नक्सलियों के सरेंडर, गिरफ्तारी और मुठभेड़ में मारे गए नक्सलियों की जानकारी मांगी.

विधायक विक्रम मंडावी ने भी छत्तीसगढ़ में नक्सल पुनर्वास नीति के तहत सरेंडर इनामी नक्सलियों को दी जाने वाली राशि को लेकर प्रश्न किया. जिसका जवाब गृह मंत्री विजय शर्मा ने सदन में दिया.

6 साल में 4340 नक्सलियों का सरेंडर

विजय शर्मा ने बताया कि 1 जनवरी, 2020 से 31 जनवरी, 2026 तक 4340 नक्सलियों ने आत्मसमर्पण किया. साथ ही गृहमंत्री ने बताया कि 6 सालों में मुठभेड़ों में 3644 नक्सली गिरफ्तार किए गए और 666 माओवादी मारे गए.

अमित शाह ने सशस्त्र माओवाद के खात्मे की डेडलाइन 31 मार्च 2026 पहले से तय कर दी है. ऐसे में माओवाद खत्म हो जाने के बाद बस्तर के लिए क्या कुछ करना होगा और कैसे बस्तर के उन इलाकों को विकास की पटरी पर लाकर गति देनी होगी इस पर सरकार काफी गंभीर है. इसी कड़ी में आत्मसमर्पित नक्सलियों के पुनर्वास के साथ उन्हें सदन जैसे खास जगहों की कार्यवाही भी दिखाई जा रही है.

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