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 राज्य सरकार का बड़ा फैसला, मेडिकल पीजी पाठ्यक्रम के लिए अध्यन अवकाश में की वृद्धि, इतने वर्ष बढ़ाई गई अवधि

रायपुर। लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग ने सेवारत चिकित्सकों के लिए पी.जी. पाठ्यक्रम के लिए अध्ययन अवकाश की अवधि 2 वर्ष से बढ़ाकर 3 वर्ष किए जाने का निर्णय लिया है। डॉक्टर्स एसोसिएशन ने इस फैसले का स्वागत किया है।

दरअसल, फेडरेशन द्वारा लंबे समय से यह मांग उठाई जा रही थी कि उच्च शिक्षा प्राप्त कर रहे सेवारत चिकित्सकों को पर्याप्त अध्ययन अवकाश प्रदान किया जाए. शासन के इस निर्णय से प्रदेश के सैकड़ों चिकित्सकों को सीधा लाभ मिलेगा और चिकित्सा शिक्षा एवं स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता में सुधार होगा।

छत्तीसगढ़ डॉक्टर फेडरेशन के अध्यक्ष डॉ. हीरा सिंह लोधी ने हुए कहा कि यह हमारे संगठन के निरंतर प्रयास, संवाद और दृढ़ संकल्प का परिणाम है। हम लंबे समय से इस मुद्दे को शासन के समक्ष प्रमुखता से रखते आए हैं और आज यह निर्णय हमारे सामूहिक प्रयासों की सफलता को दर्शाता है।

हालांकि, उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि अभी भी एक महत्वपूर्ण वर्ग इस निर्णय के लाभ से वंचित है। वर्ष 2025 से पूर्व उच्च शिक्षा (पी.जी.) हेतु अध्ययन अवकाश पर गए नियमित चिकित्सकों को इस संशोधित नीति का लाभ नहीं मिल पाया है, जिसके कारण वे आज विभिन्न प्रशासनिक समस्याओं और असमानताओं का सामना कर रहे हैं।

आगे कहा कि वर्ष 2025 में ये नियम आने के समय पीजी कर रहे (बैच 2021/2022/2023) अध्ययन अवकाश पर गए चिकित्सकों के साथ न्याय किया जाना आवश्यक है। उन्हें आश्वासन भी दिया गया था कि उनके साथ न्याय होगा। लेकिन आजतक उनकी फाइलों की स्थिति स्पष्ट नहीं हो सकी। उन्हें भी इस बढ़े हुए अध्ययन अवकाश के अनुरूप क्षतिपूर्ति एवं समुचित लाभ प्रदान किया जाना चाहिए, ताकि किसी भी प्रकार की असमानता समाप्त हो सके।

जुड़ा अध्यक्ष डॉ रेशम सिंह ने राज्य शासन से आग्रह किया है कि इस विषय में शीघ्र सकारात्मक निर्णय लेते हुए पूर्व में अध्ययन अवकाश पर गए चिकित्सकों के लिए स्पष्ट दिशा-निर्देश जारी किए जाएं और उन्हें उचित राहत प्रदान की जाए।

फेडरेशन ने यह आश्वस्त किया है कि वह भविष्य में भी चिकित्सकों के अधिकारों की रक्षा और राज्य की स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत करने के लिए निरंतर प्रयास करता रहेगा

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