बहुत काम का है ये बैक्टीरिया, मिट्टी को बना देता है 24 कैरेट सोना, वैज्ञानिक भी हुए हैरान

वैज्ञानिकों ने एक ऐसे बैक्टीरिया की खोज है कि जो मिट्टी को 24 कैरेट सोना बना सकता है। इस अनोखे बैक्टीरिया का नाम कप्रीएविडस मेटालिड्यूरन्स है।
वैज्ञानिकों ने एक ऐसे बैक्टीरिया की खोज है कि जो मिट्टी को 24 कैरेट सोना बना सकता है। इस अनोखे बैक्टीरिया का नाम कप्रीएविडस मेटालिड्यूरन्स है। वैज्ञानिकों के मुताबिक, यह बैक्टीरिया तांबे और सोने समेत अन्य भारी धातुओं वाले वातावरण में भी रह सकता है।
दरअसल, यह बैक्टीरिया जहरीली मिट्टी को खाकर मल में 24 कैरेट सोना निकालता है। यह जहरीली मिट्टी में रहता है और सोना-तांबा जैसी धातुओं को पचाता है। कप्रीएविडस मेटालिड्यूरन्स बैक्टीरिया अपने भीतर एक खास केमिकल प्रोसेस करता है। इससे जहरीली धातुओं को सोने के महीन कणों में बदल देता है और फिर उन्हें बाहर निकाल देता है। वैज्ञानिक मानते हैं इस खोज से सोने के माइनिंग के तरीके पूरी तरह बदल सकते हैं।
पर्यावरण को सोने की खुदाई से बहुत नुकसान पहुंचता है। इस बैक्टीरिया की मदद से कम प्रदूषण में, सस्ते में और टिकाऊ तरीके से सोना निकाला जा सकता है। यह कप्रीएविडस मेटालिड्यूरन्स बैक्टीरिया इलेक्ट्रॉनिक वेस्ट और खदान के बचे हिस्से से भी सोना निकालने में सहायता कर सकता है। इससे कचरा भी काम आ जाएगा।
कप्रीएविडस मेटालिड्यूरन्स को सोने का मल त्यागने वाला बैक्टीरिया कहा जाता है। यह भारी धातुओं को तोड़कर असली सोने के कंपाउंड में बदल देता है। यह सोने के छोटे-छोटे टुकड़ों को निकालता है। सोने को सुरक्षित ठोस के रूप में बदलने के लिए यह बैक्टीरिया एक अलग तरह के प्रोटीन का प्रयोग करते हैं। इसके बाद बैक्टीरिया सोने को छोटे कणों के रूप में छोड़ देते हैं। एक रिपोर्ट के मुताबिक, कप्रीएविडस मेटालिड्यूरन्स एक जीवाणु है। धातुओं से भरपूर वातावरण में जीवित रह सकता है। यह इन चरम स्थितियों से निपटने के लिए विशेष एंजाइमों का इस्तेमाल करता है और अपनी कोशिकाओं के भीतर धातुओं को नियंत्रित और विषमुक्त करता है।
हालांकि, इस बैक्टीरिया से निकलने वाला सोना आभूषणों में पाए जाने वाले सोने जितना बड़ा या चमकदार नहीं होता, बल्कि यह नेनोकणों से बने होते हैं और बेहद छोटे होते हैं। इन्हें सिर्फ माइक्रोस्कोप से ही देख सकते हैं।



