स्वास्थ्य

 पानी नहीं, ये है मेनोपॉज में ब्लोटिंग की असली वजह; गाइनेकोलॉजिस्ट से जानें आसान उपाय

Menopause bloating causes : मेनोपॉज के दौरान कई महिलाओं को शरीर में सूजन, फूला हुआ महसूस होना और भारीपन जैसी समस्याएं होने लगती हैं. अक्सर महिलाएं सोचती हैं कि यह बहुत पानी पीने की वजह से हो रहा है, लेकिन विशेषज्ञों की मानें तो यह गलत है. असल में मेनोपॉज के समय शरीर में पानी रोकने की समस्या हार्मोनल और मिनरल बदलावों की वजह से होती है, पानी ज्यादा पीने की वजह से नहीं, डाइटिशियन के अनुसार, मेनोपॉज में पानी रोकना बहुत पानी पीने की समस्या नहीं है, बल्कि यह शरीर के संतुलन का मामला है. तो आइए जानते हैं कि मेनोपॉज में ब्लोटिंग की असली वजह क्या है और इसे कम करने के आसान उपाय क्या है. 

मेनोपॉज में ब्लोटिंग की असली वजह क्या है?

मेनोपॉज में ब्लोटिंग मुख्य रूप से हार्मोन और मिनरल संतुलन में बदलाव की वजह से होती है. जैसे-जैसे ईस्ट्रोजन घटता है, यह किडनी और रीनिन-एंजियोटेंसिन सिस्टम को प्रभावित करता है, जिससे शरीर अस्थायी रूप से पानी रोक सकता है. वहीं, प्रोजेस्टेरोन, जिसका हल्का डाइयूरेटिक प्रभाव होता है, कम होने पर सूजन और भारीपन बढ़ा सकता है. इसके अलावा, सोडियम की अधिकता शरीर को पानी रोकने के लिए मजबूर करती है, जबकि पोटैशियम और मैग्नीशियम का सही संतुलन कोशिकाओं में पानी बनाए रखने, किडनी को मदद देने और मांसपेशियों को आराम देने में सहायक होता है. मेनोपॉज के दौरान डाइट, तनाव और मेटाबॉलिक बदलाव इन मिनरल्स के संतुलन को बिगाड़ सकते हैं, जिससे ब्लोटिंग और फूलेपन की समस्या और बढ़ जाती है. 

ब्लोटिंग कम करने के आसान  उपाय 

1. हाइड्रेशन – पर्याप्त पानी पीना शरीर को बताता है कि इसे पानी रोकने की जरूरत नहीं है. दिनभर नियमित रूप से पानी पीना, कम पानी पीने से बेहतर है. 

2. पोटैशियम से भरपूर डाइट – केले, नारियल पानी, पालक, और दालें खाने से सोडियम के कारण पानी रोकने की समस्या कम होती है. 

3. मैग्नीशियम से भरपूर डाइट – नट्स, बीज, साबुत अनाज और हरी पत्तेदार सब्जियां मांसपेशियों को आराम देती हैं, सूजन घटाती हैं और इलेक्ट्रोलाइट संतुलन बनाए रखती हैं. 

4. सोडियम कम करना, पूरी तरह नहीं – घर में बना हुआ खाना पूरी तरह बिना नमक का करना जरूरी नहीं है. प्रोसेस्ड और पैक्ड फूड्स जो सोडियम से भरपूर होते हैं, उन्हें कम करना ज्यादा असरदार होता है. 

5. फिजिकल एक्टिविटी – नियमित वॉकिंग और स्ट्रेंथ ट्रेनिंग से ब्लोटिंग कम होती है और शरीर में सर्कुलेशन बेहतर होता है. 

6. स्ट्रेस और नींद – अच्छी नींद और तनाव प्रबंधन भी पानी रोकने की समस्या को कम करने में मदद करता है.

कब लेनी चाहिए डॉक्टर की सलाह?

 माइल्ड ब्लोटिंग या हल्की सूजन आम है, लेकिन अगर यह लगातार बनी रहे या बढ़ जाए, तो डॉक्टर से मिलना जरूरी है. जैसे अचानक या दर्द वाली सूजन, सिर्फ एक अंग में सूजन या सांस लेने में दिक्कत, तेज वजन बढ़ना या थकान  ऐसी स्थिति में पानी रोकना किसी अन्य समस्या जैसे थायरॉइड, किडनी, दिल की बीमारी या दवा के साइड इफेक्ट का संकेत हो सकता है. अगर सूजन लगातार बनी रहे या अन्य लक्षणों के साथ हो, तो ब्लड टेस्ट और हार्ट या किडनी की जांच जरूर कराएं. 

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