ज्योतिषी

 नवरात्रि के 9 दिनों में बनाएं माता रानी के लिए 9 अलग फलाहारी पकवान, बनी रहेगी मां दुर्गा की कृपा

नवरात्रि में मां दुर्गा को भोग लगाना काफी शुभ माना जाता है। धार्मिक मान्यता है कि यदि मां दुर्गा के अलग-अलग रूपों को उनकी पसंद का भोग लगाया जाता है, तो व्यक्ति को विशेष कृपा और आशीर्वाद प्राप्त होता है। वहीं भोग को सात्विक और शुद्ध तरीके से तैयार किया जाता है।

हिंदू धर्म में नवरात्रि का विशेष महत्व माना जाता है। इस बार 30 मार्च से चैत्र नवरात्रि की शुरूआत हुई है। नवरात्रि का पर्व मां दुर्गा की भक्ति के लिए बेहद खास माना जाता है। नवरात्रि में भक्त व्रत रखते हैं और मां दुर्गा के 9 स्वरूपों की पूजा-अर्चना करते हैं। वहीं नवरात्रि में मां दुर्गा को भोग लगाना काफी शुभ माना जाता है। धार्मिक मान्यता है कि यदि मां दुर्गा के अलग-अलग रूपों को उनकी पसंद का भोग लगाया जाता है, तो व्यक्ति को विशेष कृपा और आशीर्वाद प्राप्त होता है। वहीं भोग को सात्विक और शुद्ध तरीके से तैयार किया जाता है।

माता रानी को ये भोग न सिर्फ प्रसन्न करते हैं, बल्कि व्रत करने वाले लोगों के लिए भी पौष्टिक और बेहद स्वादिष्ट होते हैं। ऐसे में अगर इस नवरात्रि आप भी मां दुर्गा को प्रसन्न करना चाहते हैं, तो इस आर्टिकल के जरिए हम आपको नवरात्रि के 9 दिनों के लिए 9 अलग-अलग तरग के भोग के बारे में बताने जा रहे हैं। इन भोग को बनाकर मां दुर्गा को अर्पित करें और फिर प्रसाद के रूप में बांट दें।

कलाकंद

नवरात्रि के पहले दिन मां शैलपुत्री को दूध से बनी मिठाइयों का भोग लगा सकते हैं। आप मां शैलपुत्री को कलाकंद का भोग लगा सकती हैं। यह स्वाद में मलाईदार होने के साथ सात्विक होता है। इसको बनाना काफी आसान है और मां शैलपुत्री को ये भोग लगाने से शक्ति और स्थिरता का आशीर्वाद मिलता है।

पंचामृत

नवरात्रि के दूसरे दिन मां ब्रह्मचारिणी को पंचामृत का भोग अर्पित करें। पंचामृत बनाने के लिए दूध-दही, घी, शहद और चीनी का उपयोग होता है। यह भोग शुद्धता और तप का प्रतीक है। इसको चढ़ाने से संयम और ज्ञान की प्राप्ति होती है। 

दूध की बर्फी

नवरात्रि के तीसरे दिन मां चंद्रघंटा की पूजा की जाती है। आप मां चंद्रघंटा को दूध की बर्फी का भोग लगी सकती हैं। आप दूध को गाढ़ा कर इसमें चीनी और इलायची डालकर बनाएं। यह पौष्टिक होने के साथ स्वाद में भी अच्छी होती है। इसका भोग लगाने से अंदर का भय दूर होता है।

मालपुआ

नवरात्रि के चौथे दिन आप मां कुष्मांडा को मालपुए का भोग लगा सकती हैं। कुट्टू के आटे, दूध और गुड़ से बना मालपुआ व्रत के सभी नियमों को पूरा करता है और इसको घी में बनाएं। यह खाने में मीठा और स्वादिष्ट होता है। धार्मिक मान्यता है कि मालपुए का भोग लगाने से सकारात्मक ऊर्जा और अच्छे स्वास्थ्य का आशीर्वाद मिलता है।

केले की फलाहारी चाट

नवरात्रि के पांचवे दिन मां स्कंदमाता की पूजा-अर्चना की जाती है। आप नवरात्रि के पांचवे दिन मां स्कंदमाता को केले की चाट अर्पित करना चाहिए। केले को काटकर दही, शहद और फलों के साथ मिलाकर भोग लगाएं। यह व्यंजन मातृत्व का प्रतीक है यह भोग अर्पित करने से संतान सुख की प्राप्ति होती है।

पान की खीर

नवरात्रि के छठे दिन मां कात्यायनी की पूजा-उपासना की जाती है। नवरात्रि के 6वें दिन पान की खीर चढ़ाएं। दूर में पान का पत्ता और चीनी डालकर इसको थोड़ी देर के लिए पकाएं। यह एक अनोखा और सुगंधित भोग है। मां कात्यायनी को पान की खीर अर्पित करने से वीरता का आशीर्वाद मिलता है।

गुड़ की खीर

नवरात्रि के सातवें दिन मां कालरात्रि की पूजा की जाती है। मां कालरात्रि को गुड़ की खीर अर्पित करें। गुड़, चावल और दूध से बनी खीर सात्विक और स्वादिष्ट होती है। इसको धीमी आंच पर पकने दें। इस भोग को चढ़ाने से नकारात्मकता दूर होती है। 

नारियल की बर्फी

वहीं नवरात्रि के 8वें दिन मां महागौरी की पूजा-अर्चना की जाती है। नारियल और चीनी को गाढ़ा करके नारियल की बर्फी पकाएं। नारियल की बर्फी को शुद्धता और समृद्धि का प्रतीक माना जाता है। नवरात्रि के आठवें दिन नारियल की बर्फी चढ़ाने से व्यक्ति को शांति मिलती है।

सूजी का हलवा

नवरात्रि के 9वें दिन मां सिद्धिदात्री की पूजा की जाती है। इस दिन मां सिद्धिदात्री को सूजी का हलवा चढ़ाएं। राम नवमी के लिए सूजी, घी और चीनी से बना ये भोग बेहद खास होता है। इस हलवे को पकाना बहुत आसान है। धार्मिक मान्यता है कि मां सिद्धिदात्री को सूजी का हलवा का भोग लगाने से व्यक्ति को सफलता मिलती है।

Show More

Daily Live Chhattisgarh

Daily Live CG यह एक हिंदी वेब न्यूज़ पोर्टल है जिसमें ब्रेकिंग न्यूज़ के अलावा राजनीति, प्रशासन, ट्रेंडिंग न्यूज, बॉलीवुड, बिजनेस, रोजगार तथा टेक्नोलॉजी से संबंधित खबरें पोस्ट की जाती है।

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button