खाद्य प्रसंस्करण की 370 यूनिटों में 25 हजार से ज्यादा लोगों को मिलेगी नौकरी

लखनऊ। खाद्य प्रसंस्करण की छोटी इकाइयों को संजीवनी देने की कवायद पूरी हो गई है। अब नए साल में लखनऊ समेत प्रदेश की ऐसी 370 यूनिटाें को राहत देकर उन्हें बड़ा फायदा दिया जाएगा। उद्यान एवं खाद्य प्रसंस्करण विभाग की ओर से निश्शुल्क प्रशिक्षण के साथ ही अब उन्हें आर्थिक मदद दिलाने का खाका तैयार हो चुका है। आम, अमरूद, लीची व आंवला के बागवानों द्वारा संचालित इकाइयों को प्राथमिकता दी जाएगी। इनके संचालन को 25,750 युवाओं को सीधे और 33,210 श्रमिकों को साक्षात्कार के माध्यम से रोजगार मिलेगा।
युवाओं को मिलेगा प्रशिक्षण
उद्यान एवं खाद्य प्रसंस्करण निदेशक डा. वीबी द्विवेदी ने बताया कि यूनिट लगाने या आगे बढ़ाने के लिए आवेदन करने वाले बागवानों को आनलाइन प्रशिक्षण देने का कार्य पूरा हो गया है। बेरोजगार जो यूनिट लगाना चाहते हैं वे अपने जिले के जिला उद्यान एवं खाद्य प्रसंस्करण अधिकारी से मिलकर प्रस्ताव भेज सकते हैं।
आम या अन्य फलों के जूस के साथ ही जैम, जैली, अंचार व मुरब्बा के साथ ही टाफी व चाकलेट बनाने का 15,710 युवाओं को प्रशिक्षण देने का कार्य पूरा हो गया है। प्रदेश के 13 जिलों में 2.66 लाख हेक्टेयर आम के बाग हैं और 43.52 मीट्रिक टन उत्पादन हर साल होता है।
12 महीने, 47 मेले और 6,273 को मिली नौकरी
युवाओं को नौकरी दिलाने और रोजगार की सहायता करने वाले सेवायोजन विभाग ने भी नए साल में पूरी तैयारी कर ली है। जिला सेवायोजन सहायता अधिकारी प्रज्ञा त्रिपाठी ने बताया कि सहायक निदेशक सूर्यकांत के संयोजन में पिछले 12 महीने में 47 रोजगार मेले लगाए गए जिसमे 6,273 युवाओं को नौकरी का अवसर दिया गया।
सेवायोजन विभाग की वेबसाइट rojgaarsangam.up.nic.in पर बेरोजगार पंजीयन और नौकरी के लिए सीधे आवेदन कर सकते हैं। आने वाले नए साल में इस साल के मुकाबले दो गुना युवाओं को नौकरी देने का लक्ष्य है
योग्यता के अनुसार युवाओं को दें नौकरी
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने गुरुवार को अपने आवास पर रोजगार सृजन को लेकर विभिन्न विभागों के अधिकारियों एवं संस्थानों के प्रतिनिधियों के साथ बैठक कर ठोस कार्ययोजना के अनुरूप रोजगार सृजन के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि युवाओं को उनकी योग्यता के अनुरूप समयबद्ध तरीके से रोजगार के अवसर उपलब्ध कराए जाएं।
एक ट्रिलियन डालर अर्थव्यवस्था बनाने के कार्यों को और गति देने के लिए विषय विशेषज्ञों का सहयोग भी लिया जाए। इससे नए भारत का नया उत्तर प्रदेश इकोनामिक ग्रोथ के साथ नये रोजगार के अवसर उपलब्ध कराने में अहम भूमिका निभाएगा।



