क्या जरूरी है जोर से हंसना, इससे क्या होते हैं फायदे?

हंसना इंसान की सबसे आम प्रतिक्रियाओं में से एक है. खुशी हो, मजाक हो या दोस्तों के साथ बिताया कोई मजेदार पल अक्सर हंसी अपने आप चेहरे पर आ जाती है. लेकिन क्या आपने कभी सोचा है कि सेहत के लिए जोर से हंसना जरूरी है? कई लोगों के मन में यह सवाल होता है कि जोर से हंसने से आखिर होता क्या है.
जब हम हंसते हैं, तो शरीर में तनाव से जुड़ी प्रतिक्रिया कुछ समय के लिए कम हो जाती है. हंसी के दौरान शरीर और चेहरे की मांसपेशियां एक्टिव होती हैं और इसके बाद शरीर को रिलैक्स होने में मदद मिलती है. यही वजह है कि ज्यादा स्ट्रेस वाले दिनों में दोस्तों या परिवार के साथ कुछ देर हंसना मन को हल्का महसूस कराता है.
मूड बेहतर करने में मददगार
खुलकर हंसने के बाद अक्सर व्यक्ति खुद को पहले से ज्यादा हल्का और खुश महसूस करता है. हंसी हमारे दिमाग में ऐसे हार्मौन से जुड़ी होती है जो अच्छा महसूस कराने वाली भावनाओं को बढ़ावा देते हैं. इसलिए जब मूड खराब हो, तो किसी पसंदीदा कॉमेडी को देखना, दोस्तों से बातचीत करना या परिवार के साथ समय बिताना मन को बेहतर महसूस कराने में मदद करता है.
शरीर को भी मिलता है रिलैक्सेशन
हंसी के दौरान चेहरे, पेट और शरीर की कई मांसपेशियां एक्टिव हो जाती हैं. जोर से हंसने के बाद कई लोगों को शरीर में एक तरह का रिलैक्सेशन महसूस होता है. हंसी के दौरान सांस लेने का तरीका भी कुछ समय के लिए बदलता है, जिसके बाद सामान्य स्थिति में लौटते समय शरीर को आराम महसूस होता है. इसलिए सुबह-सुबह कई लोग जोर से हंसने को एक्सरसाइज का एक तरीका भी मानते हैं.
रिश्तों को मजबूत करती है हंसी
हंसी का फायदा सिर्फ शरीर तक सीमित नहीं है. साथ में हंसना लोगों के बीच जुड़ाव बढ़ाने में मदद करता है. परिवार और दोस्तों के साथ शेयर की गई हंसी बातचीत को और अच्छा बनाती है और रिश्तों को गहरा बनाने में करती है. इसीलिए हंसी को एक तरह का सोशल कनेक्शन भी माना जाता है.
क्या जोर से हंसना ही जरूरी है?
सेहत के फायदे पाने के लिए जबरदस्ती जोर से हंसना जरूरी नहीं है. अगर कोई व्यक्ति आम रूप से हल्का मुस्कुराता है या धीमे हंसता है, तो उसे अपनी हंसी को तेज हंसी में बदलने की जरूरत नहीं है. हालांकि लाफ्टर योगा या हंसी की एक्सरसाइज में जानबूझकर हंसना सही होता है. इससे कुछ लोगों को तनाव कम करने में मदद मिल सकती है.



