कुत्ते ने अपनी जान देकर मालिक के बेटे को बचाया, सांप के कई बार डसने पर भी आखिरी दम तक लड़ा

Viral News: आधी रात को जब सभी लोग गहरी नींद में सो रहे थे तभी गांव निवासी किसान कल्लू के घर में एक बेहद जहरीला सांप घुस आया। बाद में इसकी पहचान रसल वाइपर के रूप में हुई। परिवार का बेटा मेन डोर के पास सो रहा था और ठीक उसी वक्त पालतू डॉगी ‘मिनी’ की नजर सांप पर पड़ी।
उत्तर प्रदेश के मेरठ जिले से एक दिल को छू लेने वाली घटना सामने आई है, जहां एक वफादार पालतू कुतिया ने अपने मालिक के परिवार को मौत के मुंह से बचाने के लिए अपनी जान की बाजी लगा दी। यह साहसिक वाकया दौराला थाना क्षेत्र के रामपुरी मोहल्ले का है, जिसने हर किसी को भावुक कर दिया। जैसे लोगों ने यह सुना हर कोई काफी भावुक होने लगा। तो आज की इस खबर में हम आपको इसी घटना के बारे में विस्तार से बताने जा रहे हैं। आइए जानते हैं।
सोशल मीडिया पर वायरल हुई यह खबर
आधी रात को जब सभी लोग गहरी नींद में सो रहे थे तभी गांव निवासी किसान कल्लू के घर में एक बेहद जहरीला सांप घुस आया। बाद में इसकी पहचान रसल वाइपर के रूप में हुई। परिवार का बेटा मेन डोर के पास सो रहा था और ठीक उसी वक्त पालतू डॉगी ‘मिनी’ की नजर सांप पर पड़ी। मिनी ने बिना किसी हिचकिचाहट के सांप पर हमला बोल दिया और तेज आवाज में भौंकने लगी। उसकी आवाज सुनकर घर के बाकी सदस्य जाग गए। लेकिन जब तक वे वहां पहुंचे मिनी को सांप कई बार डस चुका था। इसके बावजूद उसने सांप को तब तक नहीं छोड़ा जब तक परिवार ने लोहे की रॉड से उसे काबू में नहीं कर लिया। इसके बाद उस सांप को एक डिब्बे में बंद कर जंगल में छोड़ दिया गया।
सांप से लड़ते-लड़ते दे दी जान
मिनी की हालत गंभीर हो चुकी थी, इसलिए तुरंत उसे पास के पशु चिकित्सक के पास इलाज के लिए ले जाया गया। लगभग 27 घंटे तक मिनी मौत से जूझती रही, लेकिन उसने दम तोड़ दिया। मिनी की इस बहादुरी और बलिदान ने पूरे परिवार को भावुक कर दिया। परिवार वालों ने बताया कि मिनी को उन्होंने एक महीने की उम्र में अपनाया था और वह उनके लिए सिर्फ एक जानवर नहीं, बल्कि परिवार का सदस्य बन चुकी थी।
स्थानीय निवासियों से की गई ये अपील
मेरठ के डिविजनल फॉरेस्ट ऑफिसर राजेश कुमार ने पुष्टि की कि मिनी की मौत रसल वाइपर के विष से हुई है। उन्होंने यह भी कहा कि इस क्षेत्र में सांपों की एक्टिविटी जांच की जाएगी। साथ ही उन्होंने स्थानीय निवासियों से अपील की कि किसी भी वन्य जीव को देखने पर तुरंत वन विभाग को सूचना दें ताकि समय रहते उचित कदम उठाया जा सके। मिनी की इस वीरता भरी कहानी ने एक गहरा संदेश दिया है कि सच्ची वफादारी और साहस किसी भी प्राणी के भीतर हो सकता है। यह छोटी सी डॉगी अपने साहस से एक पूरे परिवार की जान बचाकर एक मिसाल बन गई।



