इस बार बजट में टूटेगी 75 साल की परंपरा, बदलेगा वित्त मंत्री का स्पीच फॉर्मेट

Budget 2026: केंद्रीय बजट 2026 में 75 साल पुरानी परंपरा टूट सकती है, क्योंकि वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण का स्पीच फॉर्मेट बदल सकता है. इस बार अपने बजट भाषण में पार्ट-ए की बजाय पार्ट-बी पर ज्यादा फोकस करेंगी.
केंद्रीय बजट 2026 इस बार कई मायनों में अलग और खास होने वाला है. 1 फरवरी 2026 (रविवार) को पेश होने जा रहा यह बजट आजादी के बाद से चली आ रही करीब 75 साल पुरानी परंपरा को तोड़ सकता है. सरकारी सूत्रों के मुताबिक, वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण का स्पीच फॉर्मेट बदलने जा रहा है. वह अपने बजट भाषण में इस बार पार्ट-ए की बजाय पार्ट-बी पर ज्यादा फोकस करेंगी.
अब तक का चलन यह रहा है कि बजट भाषण के पार्ट-ए में देश की आर्थिक स्थिति, फिस्कल डेफिसिट, टैक्स और बड़ी नीतिगत घोषणाओं का विस्तार से जिक्र होता था, जबकि पार्ट-बी अपेक्षाकृत छोटा और सीमित दायरे में रहता था. लेकिन बजट 2026 में यह फॉर्मेट बदलने की पूरी संभावना है.
भविष्य की अर्थव्यवस्था पर नजर
सूत्रों के मुताबिक, इस बार पार्ट-बी को ज्यादा समय और विस्तार दिया जाएगा. इसके जरिए सरकार देश की अर्थव्यवस्था को लेकर एक ज्यादा स्ट्रक्चर्ड और भविष्य पर केंद्रित पॉलिसी पेश करना चाहती है. इसमें सिर्फ मौजूदा हालात ही नहीं, बल्कि आने वाले सालों की दिशा और प्रायोरिटी भी साफ तौर पर रखी जाएंगी.
शॉर्ट टर्म और लॉन्ग टर्म गोल पर जोर
पार्ट-बी में शॉर्ट टर्म और लॉन्ग टर्म गोल पर जोर होगा. इसमें यह बताया जा सकता है कि सरकार कैसे तात्कालिक इकोनॉमिक ग्रोथ, फिस्कल डिसिप्लिन और सोशल वेलफेयर के बीच संतुलन बनाएगी, साथ ही लंबे समय में जरूरी स्ट्रक्चरल रिफॉर्म्स को आगे बढ़ाएगी. यह हिस्सा 21वीं सदी के दूसरे तिमाही में प्रवेश कर रहे भारत की आर्थिक सोच और निरंतरता को दर्शाएगा.



